ज़्यादातर लोग “ग्लूटाथियोन इंजेक्शन” शब्द इस्तेमाल करते हैं, और इसमें दो अलग तरीके आते हैं। पहला, इंट्रामस्कुलर शॉट, जिसमें थोड़ी मात्रा एक-दो मिनट में मसल में इंजेक्ट की जाती है। दूसरा, इंट्रावीनस ड्रिप, जिसमें glutathione एक मॉनिटर किए गए सेशन में सीधे नस में चढ़ाया जाता है। मेडिकल भाषा में दोनों ही इंजेक्शन हैं। फर्क इस बात का है कि कितनी मात्रा दी जा सकती है, कितनी तेज़ी से, और आपको कितनी बारीकी से मॉनिटर किया जाता है।
AI Aesthetics Jaipur में glutathione IV ड्रिप के रूप में दिया जाता है। नस वाले तरीके से क्लिनिक एक ही सिटिंग में 2400 mg की स्टैंडर्ड glutathione डोज़ को Vitamin C और हाइड्रेशन बेस के साथ जोड़ पाता है, इसे लगभग 45 मिनट से एक घंटे में धीरे-धीरे चढ़ाता है, और पूरे समय एक ट्रेंड टीम आपके वाइटल्स और कम्फर्ट पर नज़र रखती है। एक जल्दी लगने वाला शॉट इतनी डोज़ या इतना सपोर्टिंग फ्लूइड नहीं दे सकता।
तरीका कोई भी हो, glutathione क्या कर सकता है और क्या नहीं, यह नहीं बदलता। दोनों रूपों में यह एंटीऑक्सिडेंट और वेलनेस सपोर्ट है, जिसे कई क्लाइंट्स इवेंट, ट्रैवल या स्ट्रेस वाले समय में फ्रेशनेस और ग्लो के लिए चुनते हैं। कई क्लाइंट्स सेशन के कोर्स के दौरान ज़्यादा ब्राइट और एक जैसी दिखने वाली रंगत भी नोटिस करते हैं। यह सनस्क्रीन की जगह नहीं लेता, और मेलास्मा जैसी गहरी पिगमेंटेशन का इलाज क्लिनिक के पिगमेंटेशन ट्रीटमेंट के साथ करना ही बेहतर रहता है। रिज़ल्ट हर व्यक्ति में अलग होते हैं।
यहाँ हर glutathione सेशन कैनुला लगाने से पहले डॉक्टर-लेड स्क्रीनिंग से शुरू होता है: मेडिकल हिस्ट्री, दवाइयाँ, एलर्जी, प्रेगनेंसी और ब्रेस्टफीडिंग की स्थिति, और वाइटल्स। अगर glutathione आपके लिए सूटेबल नहीं है, तो क्लिनिक आगे बढ़ने की जगह आपको साफ बता देगा।